तुम कुछ कहो
ना हम कुछ कहेंहाँ बस यूँही
बातें होती रहेंन
नज़दीकियाँ थोड़ी बढ़ा लें
चलो आओ मिलके चुरा लें
शामें काई ऐसी शामें
चलो हम चुरा लें
कई ऐसी शामें
शामें काई ऐसी शामें
चलो हम चुरा लें
कई ऐसी शामें
आ..
सदियों से मैने बंद किए जो
दरवाज़े दिल के वो खुले इस बार
सीने में मेरे पत्थर सा था जो
करने लगा वो अब तुझसे प्यार
किया खुद को तेरे हवाले
चलो आओ मिलके सजा लें
चलो आओ मिलके सजा लें
शामें काई ऐसी शामें
चलो हम चुरा लें
कई ऐसी शामें
चलो हम चुरा लें
कई ऐसी शामें
शामें काई ऐसी शामें
चलो हम चुरा लें
कई ऐसी शामें
चलो हम चुरा लें
कई ऐसी शामें
हो.. आ..
शामें..
कई ऐसी शामें
गाना: शामें
गायक: अरमान मालिक
गीतकार: मनोज मुन्तशिर
संगीतकार: अमाल मल्लिक
शामें..
कई ऐसी शामें
गाना: शामें
गायक: अरमान मालिक
गीतकार: मनोज मुन्तशिर
संगीतकार: अमाल मल्लिक
Comments
Post a Comment